भारत की तरफ धारचूला तो नेपाल की तरफ दार्चुला शहर,बीच मे विभाजक महाकाली दहाड़ती हुई बहती है।
पुल सिर्फ पैदल के लिए बना है दोनो तरफ की सेनाएं इसकी देख रेख और सुरक्षा करती है।
😊 पुरबिये हर जगह मिल जाते है, मोतिहारी बिहार की वीर महिलाओं के हाथ मे इस ब्रिज की और पार करने वाले संदिग्ध चीजे न ले जाये इसकी जिम्मेदारी होती है।
मेरा डूंगरी देवी(नेपाल के दार्चुला) में जाना रोज ही होता है तो अक्सर दिन में भोपाल की एक कन्या जो कि गार्ड है रोज आगाह कर देती है कि 18:30 तक आ जाना नही तो वही रुकना पड़ेगा 😊 मैं भी मुस्कुरा के कह देता हूं कि फस गया तो विदेश मंत्री को ट्वीट करूँगा।
शाम 18:30 तक दोनो तरफ से सीटियां बजने लगती है 18:55 से लगातार विसल बजती है जो कि संकेत है कि गेट अतिशीघ्र बन्द हो जाएगा।
फिर दोनों तरफ से गार्ड आके ताला मार जाते है।
अगली सुबह तक के लिए गेट बंद कर दिया गया।
धारचूला
21062019
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